डेंगू के लक्षण, कारण और इलाज – Dengue Symptoms In Hindi

Dengue Symptoms In Hindi – डेंगू को एक गंभीर बीमारी के रूप में जाना जाता है। यह एक प्रकार का संक्रमण है। यदि किसी व्यक्ति को डेंगू होता है तो ठीक समय पर इलाज कराना जरूरी है। यदि ठीक समय पर किसी मरीज को डेंगू का इलाज नहीं मिलता है तो बुखार, सिरदर्द और माँसपेशियों में दर्द आदि समस्याएं होने लगती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डेंगू को “हड्डी तोड़” बुखार भी कहा जाता है क्योंकि डेंगू होने से शरीर में हड्डी टूटने जैसा दर्द महसूस होता है। डेंगू रोग Aedes Egypti नामक मादा प्रजाति मच्छरों द्वारा होता है। हर साल दुनियाभर में लाखों लोग डेंगू बुखार से संक्रमित होते है और अपनी जान गँवा देते है।

डेंगू के लक्षण, कारण और इलाज – Dengue Symptoms In Hindi

इसलिए आज की पोस्ट में हम आपको डेंगू के लक्षण क्या है, Malaria Ke Lakshan क्या है और टाइफाइड कितने दिन तक रहता है। इस बारे में बताएंगे। इसलिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें…

डेंगू बुखार किसे कहते है – dengue fever in hindi

यह एक प्रकार का वायरस होता है जो कि मादा मच्छरों द्वारा फैलता है। साधारण बुखार और डेंगू बुखार का पता लगाना काफी मुश्किल है। वायरल बुखार होने के 4 से 7 दिन बाद मरीज को डेंगू बुखार के लक्षण दिखाई देने लगते है।

यदि किसी व्यक्ति को डेंगू हो जाता है तो इस स्थिति में परिवार के सदस्यों को घबराना बिलकुल भी नहीं है बल्कि एक अच्छे डॉक्टर से सलाह लें लेकिन डेंगू के समय में यदि किसी मरीज को रक्तस्राव हो या फिर धुंधला-धुंधला दिखाई दे तो इसे अनदेखा बिलकुल भी न करें। इस स्थिति में तुरंत एक अच्छे डॉक्टर से इलाज कराएं।

डेंगू वायरस चार प्रकार के होते है। यदि किसी व्यक्ति को इन चारों वायरस में से कोई भी एक वायरस होता है और फिर यह डेंगू वायरस ठीक हो जाता है तो शरीर में एन्टीबॉडी बनने लगते है और यह एंटीबॉडी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते है। जब प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है तो कुछ समय तक बाकी के 3 वायरस से व्यक्ति सुरक्षित रहता है।

डेंगू के लक्षण – Symptoms Of Dengue In Hindi

Dengue वायरस होने पर मरीज को 4 से 7 दिनों में नीचे दिए निम्न लक्षण दिखाई देने लगते है। यदि किसी मरीज को नीचे दिए निम्न Dengue Symptoms in Hindi महसूस होते है तो डॉक्टर को तुरंत दिखायें…

  • डेंगू होने पर मरीज को 102-103º F तक बुखार आना शुरू हो जाता है।
  • माँसपेशियों में तेज दर्द होना, जोड़ों में दर्द होना और हड्डियों में दर्द होना भी डेंगू बुखार का एक लक्षण माना जाता है।
  • स्किन पर लाल चकत्ते या रैशेस और इन रैशेस में खुजली का होना भी डेंगू बुखार होने का संकेत माना जाता है।
  • हदय की गति कम होना और ब्लड प्रेशर का कम होना भी डेंगू का लक्षण है।
  • यदि किसी व्यक्ति को वायरल बुखार होने पर भूख न लगना, ठण्ड लगना और सिरदर्द हो तो यह डेंगू के लक्षण हो सकते है।
  • ऊपर दिए सभी लक्षण डेंगू के पहले चरण में दिखाई देते है।
  • इसके दूसरे चरण में शरीर का तापमान कम होने लगता है और पसीना अधिक आने लगता है। रोगी को दुसरे चरण में पहले चरण की अपेक्षा बेहतर महसूस होने लगता है।
  • इसके तीसरे चरण में शरीर का तापमान फिर से धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जाता है और इसी बीच शरीर पर लाल-लाल दाने भी दिखाई देने लगते है।

डेंगू होने का कारण – Dengue Fever In Hindi

मरीज को डेंगू कई कारणों से हो सकता है लेकिन नीचे दिए मुख्य कारणों द्वारा ज्यादतर लोगों में डेंगू फैलता है जो कि इस प्रकार है…

  • यदि आपका घर या मकान किसी ऐसे क्षेत्र में है जहाँ पर मादा मच्छर अधिक है तो आपको डेंगू होने की पूरी संभावना है।
  • यदि किसी व्यक्ति को पहले भी डेंगू हो चुका है तो उसे दूसरी बार गंभीर रूप से डेंगू हो सकता है।
  • हर व्यक्ति को पौष्टिक आहार खाना चाहिए। जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ें। यदि किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो उसे डेंगू बुखार हो सकता है।
  • ज्यादातर मच्छर गंदगी में होते है। इसीलिए गंदगी जैसे स्थानों पर मलेरिया व डेंगू होने के चांस सबसे ज्यादा होते है।

डेंगू बुखार के घरेलू उपचार – Home Remedies

नीचे दिए निम्न उपचार डेंगू बुखार के घरेलु उपचार है। इन उपायों को अपनाकर आप इस समस्या से कुछ हद तक या पूरी तरह से छुटकारा पा सकते हो जो कि इस प्रकार है…

  • डेंगू बुखार में नीम के पत्तों का रस पीने से काफी लाभ मिलता है। इसको पीने से प्लेट्स की संख्या बढ़ती है और सफेद रक्त कोशिकाओं में भी वृद्धि होती है।
  • गिलोय पीने से डेंगू बुखार में काफी लाभ मिलता है। यह पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है शरीर में मौजूद संक्रमण भी कम होने लगता है।
  • वैसे तो तुलसी के कई फायदे होते है लेकिन तुलसी के पत्तों को डेंगू बुखार में इस्तेमाल करने से काफी लाभ मिलता है।
  • डेंगू होने पर डॉक्टर पपीता खाने की सलाह देते है। ऐसा इसलिए क्योंकि पपीता में पोषक तत्व मौजूद होते है और इसके सेवन से प्लेट्स की संख्या में वृद्धि होती है।
  • संतरे के रस में अधिक मात्रा में विटामिन-सी मौजूद होता है और इसके रस में Antioxidants भी होते है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाकर डेंगू बुखार को कम करता है।

डेंगू होने से कैसे बचें – dengue precautions

वर्षात के मौसम में ज्यादार लोग Dengue Machar की चपेट में आते है। यदि आप डेंगू से बचना चाहते हो तो नीचे दिए निम्न नियमों का पालन करें जो कि इस प्रकार है…

  • यदि आपके घर में कूलर है तो हर सप्ताह कूलर का पानी बदलें। ऐसा करने से मच्छरों की संख्या कम होगी और आपको डेंगू होने का खतरा कम होगा।
  • वर्षात के मौसम में बच्चों को हाथ-पैर ढके हुए कपड़े पहनायें।
  • हर महीने घर में कीटनाशक दवा को छिड़कें।
  • अपने घर के बर्तनों को ढककर रखें और घर को साफ-सुथरा रखें।
  • यदि आपके घर के आस-पास किसी गड्डे या स्थान पर पानी भरा रहता है तो उसे तुरंत साफ करें।
  • रात को सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

डेंगू होने पर क्या खायें – Diet in Dengue Fever

Degu की बीमारी से पीड़ित मरीजों को नीचे दी निम्न चीजों का सेवन करना चाहिए जो कि इस प्रकार है…

  • अधिक से अधिक पानी पियें और हल्का खाना खाएं।
  • जूस, सूप और नारियल का पानी पियें।
  • डेंगू के समय में नींबू पानी पियें क्योंकि नींबू पानी पीने से पेशाब के द्वारा शरीर से गंदगी बाहर निकलती है।
  • अदरक और इलायची डालकर सुबह और शाम हर्बल चाय पियें।
  • डेंगू होने पर रोगी को फाइबर और प्रोटीन की जरूरत पड़ती है इसलिए दूध, दही और डेयरी उत्पाद से बानी चीजों को खाएं।
  • गाजर, खीरा और अन्य ताजी सब्जियों के जूस को पियें।

FAQ in Hindi – आपके सवाल/हमारे जबाव

1. डेंगू मच्छर की पहचान कैसे करें? (Dengue Ke Lakshan In Hindi)

डेंगू मच्छर ज्यादा ऊपर तक उड़ नहीं पाते है और यह मरीज के घुटनों के नीचे काटते है।
डेंगू मच्छर दिखने में सामान्य होते है लेकिन शरीर पर चीते जैसे निशान और पैरों पर सफेद निशान होते है।

2. डेंगू कितने प्रकार का होता है?

यह चार प्रकार के होते है।

3. डेंगू होने पर प्लेट्स कैसे बढ़ाएं? (How To Increase Platelets In Hindi)

प्लेट्स बढ़ाने के लिए कीवी फल काफी फायदेमंद है और इस फल का इस्तेमाल डेंगू के द्वारा कम हुई प्लेट को बढ़ाने में कर सकते हो।

4. तेज बुखार में क्या करना चाहिए?

तेज बुखार होने पर डॉक्टर को दिखायें और सिर पर बार-बार पानी की पट्टी रखें।

5. वायरल फीवर कितने दिन रहता है?

12 से 14 दिन

6. मच्छर किसे ज्यादा काटते हैं?

O ब्लड ग्रुप वाले लोगों को मच्छर ज्यादा काटते है।

7. प्लेटलेट्स बढ़ाने की एलोपैथिक दवा का क्या नाम है?

आप पपीते के सेवन से प्लेट्स बढ़ा सकते हो और यह सबसे अच्छा और बेस्ट तरीका है।

8. मलेरिया कितने दिनों में ठीक होता है?

यदि रोगी को मलेरिया होने पर सही समय पर अच्छा इलाज मिल जाता है तो 2 हफ्तों के भीतर मलेरिया ठीक होने लगता है।

9. मलेरिया के लक्षण क्या है? (Malaria Symptoms In Hindi)

ठंड लगना, सिरदर्द, पसीना आना, बैचेनी होना, तेज बुखार आना, गले में खराश और थकान होना आदि मलेरिया के लक्षण है।

10. टाइफाइड कितने दिन में ठीक होता है? (Tified Ke Lakshan In Hindi)

टाइफाइड ठीक होने में 14 से 20 दिन लग सकते है।

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Conclusion –

दोस्तों, आज की पोस्ट में हमने आपको बताया कि डेंगू के लक्षण क्या है, Dengue Kaise Hota Hai और Symptoms Of Malaria In Hindi के बारे में, इसके आलावा हमने आपको डेंगू बुखार से जुड़ी कई जानकारियाँ दी है। यदि आप हमसे डेंगू फीवर से सम्बंधित कोई भी सवाल पूछना चाहते हो तो कमेंट बॉक्स के जरिये पूछ सकते हो। धन्यवाद…

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