Viral Fever Symptoms In Hindi – भूलकर भी न करें ये गलती.

Viral Fever Symptoms In Hindi – आज के समय में वायरल बुखार के कारण अधिक से अधिक लोग बीमार पड़ रहे है। वायरल बुखार मौसम बदलने के कारण होता है। जब भी मौसम परिवर्तित होता है और बारिश का मौसम आता है तो इस सीजन में सबसे ज्यादा लोग बीमार होते है।

बारिश के मौसम में कीड़े, मच्छर और कीटाणु अधिक हो जाते है जो कि गंदगी फैलाते है। यही कारण है कि बारिश के मौसम में ज्यादातर लोग वायरल फीवर से संक्रमित होते है। इसके बाद यह वायरल फीवर धीरे-धीरे घर के अन्य सदस्यों में भी फैल जाता है।

Viral Fever Symptoms In Hindi

आप लोगों को बता दें कि जब भी मौसम बदलता है तो हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। और जिन व्यक्तियों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है वह जल्दी बीमार होते है। आज इस पोस्ट में हम आपको Symptoms Of Viral Fever In Hindi और वायरल बुखार से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारियाँ देंगे। चलिए शुरू करते है…

वायरल बुखार क्या है – What Is Viral Fever meaning In Hindi

यह संक्रमण के द्वारा फैलने वाला बुखार है। जब कोई व्यक्ति इस सक्रंमण के संपर्क में आता है तो उस व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में यह संक्रमण फैलता है। अगर साधारण भाषा में कहा जाये तो नॉर्मल बुखार की अवधि का समय 3 से 4 दिन होता है लेकिन वायरल बुखार की अवधि का समय 7 से 10 दिन का होता है।

वायरल बुखार होने के कारण – Viral Fever Causes in Hindi

डॉक्टर्स के अनुसार वायरल फीवर मौसम बदलने के कारण होता है क्योंकि इन दिनों में ज्यादातर मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और वह इस वायरस की चपेट में आ जाते है लेकिन बदलते मौसम के अलावा अन्य कारण भी हो सकते है जिनकी वजह से आप वायरल फीवर के संपर्क में आ सकते हो जो कि इस प्रकार है…

  • यदि आप बारिश के मौसम में दूषित पानी या 2 से 3 दिन रखे हुए भोजन का सेवन करते हो आपको वायरल बुखार हो सकता है।
  • आज के समय में वायरल फीवर होने का सबसे बड़ा कारण प्रदूषण भी है क्योंकि हवा में मौजूद प्रदूषित कण हमारे शरीर में जा सकते है और हमें बीमार कर सकते है।
  • जिन लोगों को जल्दी थकान होती है या जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। वह लोग इस वायरल फीवर के संपर्क में जल्दी आते है और बीमार पड़ जाते है। इसलिए ऐसे लोगों को वर्षात के मौसम में काफी सावधानी रखनी चाहिए।
  • यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आते हो जिसको बुखार, दस्त, खाँसी-जुकाम और बदनदर्द हो तो आप भी इस वायरल बुखार के शिकार हो सकते हो।

वायरल बुखार के लक्षण – Viral Fever Symptoms In Hindi –

Viral Fever Ke Lakshan, सामान्य बुखार के लक्षणों की तरह होते है लेकिन किसी भी व्यक्ति को यह लक्षण नजरअंदाज नहीं करने चाहिए अन्यथा आप अधिक बीमार पड़ सकते हो।

बारिश के मौसम में बड़े लोगों की अपेक्षा छोटे बच्चे जल्दी बीमार होते है क्योंकि उनमें प्रतिरोधक क्षमता ठीक प्रकार से विकसित नहीं हो पाती है। इसलिए नीचे निम्न लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज न करें क्योंकि यह Viral Symptoms भी हो सकते है जो कि इस प्रकार है…

वायरल फीवर के लक्षण इस प्रकार है – Symptoms Of Viral Fever

  • थकान
  • खाँसी
  • सिरदर्द होना
  • माँसपेशियों में दर्द
  • गले में खराश या दर्द
  • दस्त
  • स्किन पर रैशेज होना
  • सर्दी लगना
  • बदन दर्द
  • शरीर का तापमान अधिक होना

वायरल बुखार से कैसे बचें – Prevention for Viral Fever in Hindi

यदि आप वायरल फीवर सिम्पटम्स से बचना चाहते हो तो हमारे द्वारा नीचे बताये गये नियमों का जरूर पालन करें जो कि इस प्रकार है…

  • बारिश के मौसम में अधिक से अधिक उबली और हरी सब्जियों का सेवन करें।
  • बासी भोजन और दूषित पानी की जगह ताजा भोजन और पानी पियें।
  • पानी को गुनगुना करके पीने से वायरल बुखार होने के चांस कम होते है। इसलिए उबालकर और गुनगुना पानी पियें।
  • वर्षात के मौसम में पानी-पूड़ी, भल्ले और बाहर का खाना न खायें।
  • सुबह-सुबह व्यायाम करें और एक अच्छी जीवनशैली को अपनायें। ऐसा करने से आपकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और आप कम बीमार पड़ोगे।

वायरल बुखार का घरेलू उपचार – Indian Home Remedies For Fever In Hindi

अधिकतर भारतीय परिवार में वायरल बुखार का उपचार घरेलु नुस्खों के द्वारा किया जाता है। इसलिए हम आपको 10 ऐसे घरेलु नुस्खों के बारे में बताएंगे। जिनकी मदद से आप अंदरूनी Bukhar Ke Lakshanon को ठीक कर सकते हो तो चलिए शुरू करते है।

  • यदि आप अदरक के पेस्ट में थोड़ा शहद मिलाकर रोगी को पिलाते हो तो रोगी को बहुत आराम जरूर मिलेगा।
  • रातभर मेथी के दानों को पानी में गलाने के बाद सुबह मैथी के पानी को हर दो घंटे बाद थोड़ा-थोड़ा करके पियें।
  • दाल-चीनी को 2 या 3 दाने इलाइची के साथ पानी में उबाल लें और फिर इसको छानकर गर्म करके पियें। यदि आप दाल-चीनी का इस्तेमाल करते हो तो रोगी को जुकाम, गले में दर्द और सिरदर्द से आराम मिलेगा।
  • तुलसी के 5 से 7 पत्तों को 1 चम्मच लौंग पाउडर के साथ पानी में उबाल लें। उबालने के बाद हर 2 घंटे के बीच इस पानी का सेवन करें।
  • गिलोय पीने से वायरल बुखार में काफी लाभ मिलता है। आप 5 से 6 लम्बी गिलोय को गर्म पानी में उबाल लें और फिर जब पानी एक चौथाई रह जाये तो फिर इसका सेवन करें। ऐसा करने से रोगी की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
  • 3 या 4 लौंग को बारीक पीसकर एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर दिन में 3 बार पियें।
  • यदि मरीज के हाथ व पैरों पर लहसुन के साथ पके हुए सरसों के तेल की मालिस की जाये तो बदन दर्द और शरीर की ऐंठन ठीक होती है।
  • एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू के रस के साथ शहद मिलाकर पिया जाये तो मरीज का शरीर डिटॉक्स होता है और मरीज को तरोताजा महसूस होता है।
  • पीपल के पत्ते के चूर्ण के साथ काकड़ासिंगी को बराबर मात्रा में मिलाकर और आधे चम्मच शहद के साथ दिन में 2 बार खाएं।
  • फूली किशमिश के पेस्ट में नींबू का रस मिलाकर पीने से वायरल फीवर में काफी लाभ मिलता है।

Viral Fever FAQ in Hindi – आपके सवाल/हमारे जबाव

1. वायरल बुखार या कोरोना बुखार में फर्क क्या है? (Viral Fever VS Corona In Hindi)

वायरल बुखार होने पर आप डॉक्टर से दवा लें और कुछ दिनों में आपकी तबियत ठीक हो जायेगी लेकिन कोरोना बुखार होने पर आपकी तबियत में सुधार नहीं होगा। इस स्थिति में आपको एक अच्छे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और अपना इलाज कराना चाहिए।

2. वायरल फीवर कितने दिन रहता है? (Viral Fever Duration)

7 से 10 दिनों तक या फिर इससे भी ज्यादा दिनों तक

3. वायरल बुखार का रामबाण इलाज क्या है? (Viral Fever Treatment)

ऊपर दिए घरेलु नुस्खों को अपनाएं।

4. वायरल फीवर दवा का क्या नाम है? (Viral Fever Medicine Name)

Acetaminophen या Ibuprofen में से आप किसी भी दवा को ले सकते हो।

5. क्या वायरल फीवर में नहाना चाहिए?

नहीं, वायरल फीवर होने पर 2 से 3 दिन न नहायें क्योंकि वायरल फीवर होने पर मरीज को सर्दी अधिक लगती है।

6. वायरल फीवर एंटीबायोटिक मेडिसिन नाम बताइये?

एंटीबायोटिक दवा न लें क्योंकि वायरल बुखार में एंटीबायोटिक दवाओं का असर नहीं होता है।

7. बुखार की आयुर्वेदिक दवा क्या है? (Ayurvedic Medicine For Fever)

बुखार होने पर तुलसी का काढा ठीक रहता है।

8. सामान्य बुखार कितने दिन तक रहता है?

3 से 4 दिन

9. घर पर बुखार कैसे कम करें? (How To Reduce Fever At Home)

हमारे द्वारा बताये गये घरेलु नुस्खों को अपनाकर

10. वायरल बुखार में क्या पीना चाहिए?

अधिक से अधिक तरल पदार्थ पियें और अदरक वाली चाय पियें।

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Conclusion –

दोस्तों आज की पोस्ट में हमने आपको वायरल फीवर क्या है, Viral Fever Symptoms In Hindi और Fever Home Remedies के बारे में जानकारियाँ प्रदान की है। आपको हमारी पोस्ट कैसी लगी कमेंट बॉक्स में बताएं।

यदि आप वायरल बुखार से सम्बंधित किसी भी प्रकार का कोई सवाल पूछना चाहते हो तो कमेंट बॉक्स के जरिये हमसे पूछ सकते हो। धन्यवाद…

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