प्लाज्मा क्या है? – What Is Plasma In Hindi

आज इस पोस्ट में हम आपको प्लाज्मा क्या है और प्लाज्मा थेरपी के बारे में विस्तार से बताएंगे। प्लाज्मा का इस्तेमाल स्पेनिश फ्लू नामक बीमारी से लड़ने के लिए किया गया था। प्लाज्मा की पहचान “सर विलियम क्रूक्स” नामक व्यक्ति ने की थी और सबसे पहले प्लाज्मा का इस्तेमाल सन 1918 में किया गया था क्योंकि सन 1918 में स्पेनिश फ्लू नामक बीमारी से कई लोग अपनी जान गँवा चुके थे।

यदि आप प्लाज्मा से जुड़ी जानकारी जानना चाहते हो तो इस पोस्ट को शुरू से अंत तक पूरा पढ़ें क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको Plasma Kya Hai, Plazma Therapi Kya Hai, What Is Plasma Therapy In Hindi और Plasma In Hindi के बारे में बताएंगे तो चलिए शुरू करते है…

प्लाज्मा क्या है? – Plasma Kise Kahate Hain

खून के तरल हिस्से को प्लाज्मा कहते है। जिसमें लाल और सफेद कलर की लाल रक्त कोशिकाएं और प्लेट्स होती है। वैसे तो रक्त चार कोशिकाओं से मिलकर बना है सफेद रक्त कोशिका, लाल रक्त कोशिका, प्लेट्स और प्लाज्मा।

प्लाज्मा हमारे रक्त के सबसे महत्वपूर्व हिस्से में से एक है। आपको बता दें कि खून में 55 प्रतिशत प्लाज्मा होता है। जब प्लाज्मा को रक्त से अलग किया जाता है तो यह हल्का पीला पड़ जाता है। आप ऊपर दी हुई प्लाज्मा की तस्वीर देख सकते हो।

Plasma में Antibodies होते है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते है। प्लाज्मा के इस्तेमाल से मरीज में संक्रमण के लक्षण कम होने लगते है और फिर मरीज धीरे-धीरे ठीक होने लगता है। आपको बता दें कि प्लाज्मा में पानी के अलावा हॉर्मोन्स, प्रोटीन, ग्लूकोस मिनरल और कॉर्बन-डाई-ऑक्साइड गैस भी होती है।

प्लाज्मा थेरेपी किसे कहते है? – Plasma Therapy Kya Hoti Hai

प्लाज्मा थेरेपी का दूसरा नाम कायलसेंट प्लाज्मा थेरेपी (Convalescent Plasma Therapy) है जो व्यक्ति वायरस से संक्रमित होने के बाद पूरी तरह ठीक हो जाते है तो उनके शरीर में Antibodies बनने लगते है। Antibodies बनने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

इसके बाद संक्रमण से ठीक हुए व्यक्ति का प्लाज्मा लेकर वायरस से संक्रमित व्यक्ति के शरीर में इंजेक्शन द्वारा दिया जाता है। ऐसा करने से संक्रमित व्यक्ति को ठीक होने में कम समय लगता है। डॉक्टर्स के मुताबिक, प्लाज्मा थेरपी की मदद से मरीज को बचाया जा सकता है। जिनको सबसे अधिक खतरा होता है।

प्लाज्मा कैसे डोनेट करें – How To Donate Plasma

भारत देश में फैले कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अधिकतर लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने की माँग की जा रही है। अगर आप कोरोना वायरस से पूरी तरह ठीक हो चुके है तो आप अपना प्लाज्मा डोनेट कर सकते हो लेकिन प्लाज्मा डोनेट करने के लिए कुछ नियम है। जिनको फॉलो करना बहुत ही जरूरी है जो कि इस प्रकार है…

किन लोगों को प्लाज्मा डोनेट करना चाहिए

  • कोरोना वायरस से ठीक होने के 1 महीने बाद आप प्लाज्मा दे सकते हो।
  • 18 साल से 60 साल के व्यक्ति ही अपना प्लाज्मा दे सकते है लेकिन प्लाज्मा देने वाले व्यक्ति का वजन 50 किलोग्राम से अधिक होना चाहिए।
  • प्लाज्मा डोनेट करने वाले व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव होनी चाहिए।
  • कोरोना वैक्सीन लगने के बाद भी आप प्लाज्मा डोनेट कर सकते हो।

किन लोगों को प्लाज्मा डोनेट नहीं करना चाहिए-

  • गर्भवती महिलाओं को प्लाज्मा डोनेट न करने की सलाह दी जाती है।
  • जिन लोगों को डायबिटीज, हाइपरटेंशन, किडनी और लिवर की बीमारी है उनको प्लाज्मा डोनेट नहीं करना चाहिए।
  • यदि आप किसी बीमारी की दवा खाते हो तो इस स्थिति में भी आप प्लाज्मा डोनेट करने के योग्य नहीं हो।

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Conclusion –

हमने आपको प्लाज्मा से जुड़ी जानकरी (जैसे – प्लाज्मा क्या है, प्लाज्मा किसे कहते है, Plasma Kya Hota Hai और Plasma Meaning In Hindi) के बारे में जानकरी दी है। यदि आप प्लाज्मा से सम्बंधित कोई सवाल पूछना चाहते हो तो कमेंट बॉक्स के जरिये पूछ सकते हो। धन्यवाद…

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